Mera dil bhi kitna paagal hai......Saajan (1991)

    फिल्म : साजन (1991)


    संगीतकार : नदीम – श्रवण
    गीतकार : समीर
    गायक : कुमार सानु, अलका याग्निक

    गीत

    मेरा दिल भी कितना पागल है
    ये प्यार तो तुम से करता है-2

    पर सामने जब तुम आते हो-2
    कुछ भी कहने से डरता है
    ओ मेरे साजन, ओ मेरे साजन
    साजन, साजन, मेरे साजन

    मेरा दिल भी कितना पागल है......

    कितना इसको समझता हूँ
    कितना इसको बहलाता हूँ-2
    नादान है कुछ ना समझता है
    दिन रात ये आहें भरता है
    मेरा दिल भी कितना पागल है.....

    हर पल मुझको तड़पाता है
    मुझे सारी रात जगाता है-2
    इस बात की तुमको खबर नही
    ये सिर्फ़ तुम्हीं पे मरता है
    मेरा दिल भी कितना पागल है
    ये प्यार तो तुम से करता है-2
    पर सामने जब तुम आते हो-2
    कुछ भी कहने से डरता है
    ओ मेरे साजन, ओ मेरे साजन
    साजन, साजन, मेरे साजन

    b

Jab ishq kahin ho jaata hai ........Aarzoo (1965)

    फिल्म : आरजू-(1965)


    संगीतकार : शंकर - जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मुबारक बेगम, आशा भोसले

    गीत

    आशा, मुबारक : आदाब अर्ज़ है
    तस्लीम
    जब इश्क़ कहीं हो जाता है
    तब ऐसी हालत होती है
    ऐसे में दिल घबराता है,
    तन्हाई की हाजत होती है

    आशा भोसले : यह इश्क़ छुपाये छुप न सका
    यह इश्क़ मचलता जादू है
    कुछ होश नहीं रहते क़ायम
    इस इश्क़ पर किसका काबू है
    मुबारक बेगम : हे इश्क़ में पेशो ख़म इतने
    गोया मेहबूब का गेसू है
    हर जानिब फैलती जाती है,
    इस इश्क़ की ऐसी खुशबू है
    आशा, मुबारक : चेहरे से अयान हो जाती है
    क्या चीज़ मोहब्बत होती है
    ऐसे में दिल घबराता है......
    आशा भोसले : आँखों में है लाखो अफ़साने
    खामोश है लब वो मंज़िल है
    मुबारक बेगम : हर सांस में लाखों तूफ़ान हैं
    तूफ़ान में दिल का साहिल है
    आशा भोसले : अरमान मचलते रहते हैं
    यह दर्द बड़ा ही क़ातिल है
    मुबारक बेगम : रोके से क़यामत रुक जाए,
    पर रोकना दिल का मुश्किल
    आशा, मुबारक : दीदार की प्यासी आँखों को
    दीदार की हसरत होती है
    ऐसे में दिल घबराता है
    तन्हाई की हाजत होती है
    जब इश्क़ कहीं हो जाता है

    b

Aji Humse bachkar kahaan jaiyega .......Aarzoo (1965)

    फिल्म : आरजू-(1965)


    संगीतकार : शंकर - जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी

    गीत

    अजी हमसे बचकर कहाँ जाइएगा
    जहां जाइएगा हमें पाइयेगा
    अजी हमसे बचकर.....

    कयह कैसा नशा है, यह कैसा असर है
    न काबू में दिल है न बस में नज़र है
    ज़रा होश आले चले जाइये गा
    ठहर जाइएगा, ठहर जाइएगा-2
    अजी हमसे बचकर कहाँ जाइएगा
    अजी हमसे बचकर.....

Chhalke teri aankhobn se sharab aur ziyada ......Aarzoo (1966)

    फिल्म : आरजू-(1965)


    संगीतकार : शंकर - जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी

    गीत

    छलके तेरी आँखों से शराब और ज़ियादा-3
    खिलते रहे होठों से गुलाब और ज़ियादा

    क्या बात है जाने तेरी महफ़िल में सितमगर-3
    धड़के है दिले खाना खराब और ज़ियादा
    छलके तेरी आँखों से.......

    इस दिल में अभी और भी ज़ख्मों की जगह है-3
    अब रूप की कटारी को दोआब और ज़ियादा
    छलके तेरी आँखों से.......

    तू इश्क़ के तूफ़ांन को बाहों में जकड़ लें-3
    अल्लाह करे ज़ोर-ए-शबाब और ज़ियादा
    छलके तेरी आँखों से.......

Bedardi baalma tujh ko mera man yaad karta hai ......Aarzoo (1965)

    फिल्म : आरजू-(1965)


    संगीतकार : शंकर - जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : लता मंगेशकर

    गीत

    बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
    बरसता है जो आँखों से वो सावन याद करता है

    कभी हम साथ गुज़रे जिन सजीली रहगुज़ारों से
    फ़िज़ा के भेस में गिरते हैं अब पत्ते चनारों से
    ये राहें याद करती हैं ये गुलशन याद करता है

    कोई झोंका हवा का जब मेरा आँचल उड़ाता है
    गुमाँ होता है जैसे तू मेरा दामन हिलाता है
    कभी चूमा था जो तूने वो दामन याद करता है

    वो ही हैं झील के मंदर वो ही किरनों कि बरसातें
    जहाँ हम तुम किया करते थे पहरों प्यार की बातें
    तुझे इस झील का ख़ामोश दरपन याद करता है

Aji roothkar ab kahan jaiyega......Aarzoo (1965)

    फिल्म : आरजू-(1965)


    संगीतकार : शंकर - जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : लता मंगेशकर

    गीत

    अजी रूठ कर अब कहाँ जाइयेगा
    जहाँ जाइयेगा हमें पाइयेगा

    निगाहों में छुपकर दिखाओ तो जानें
    ख़यालों में भी तुम न आओ तो जानें
    अजी लाख परदे में छुप जाइयेगा
    नज़र आइयेगा नज़र आइयेगा

    जो दिल में हैं होठों पे लाना भी मुश्किल
    मगर उसको दिल में छुपाना भी मुश्किल
    मनज़र की ज़ुबाँ को समझ जाइयेगा
    समझ कर ज़रा गौर फ़रमाइयेगाकमाल

    ये कैसा नशा हैं ये कैसा असर हैं
    न काबू में दिल हैं न बस में जिगर हैं
    ज़रा होश आ ले फिर जाइयेगा
    ठहर जाइयेगा ठहर जाइयेगा

Mera mehboob hai bemisaal.......Aaye Din Bahar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : लता मंगेशकर

    गीत

    मेरा महबूब है बेमिसाल-2
    ओये कमाल, ओये कमाल, ओये कमाल
    ऐसा देखा, किसी का ना हाल
    ओये कमाल, ओये कमाल, ओये कमाल

    मैंने तो सुना था, जहाँ में जो हया है-2
    ये तो हम जैसे, हसीनों की अदा है
    मेरा दिलबर हाय, मेहबूबा से शर्माए
    इस के बारे में है क्या ख़याल-2
    ओये कमाल, ओये कमाल, ओये कमाल

    होठों पे ये आंहे निगाहों में ये पानी- 2
    ये तो है मोहब्बत के मारो की निशानी
    सुन ले ये ज़माना कोई समझे ना दीवाना
    ऐ तो सोनी दा है महिवाल
    ओये कमाल, ओये कमाल, ओये कमाल
    मेरा महबूब है बेमिसाल-2

Phoolon se mukhde wali.....Aaye Din Bahar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी

    गीत

    फूलों से मुखड़े वाली निकली है मतवाली
    गुलशन की करने सैर, खुदाया खैर
    ले थाम ले मेरी बाहें ऊंची नीची हैं रहे
    कहीं फिसल न जाए पेर खुदाया खैर

    क्या हाल बहारों का होगा , क्या रंग नज़ारों का होगा
    यह हुस्न अगर मुस्काया तो ,क्या इश्क़ के मारों का होगा
    मतवाले नैन हैं ऐसे , तालाब में यारों जैसे दो फूल रहे हों तैर
    खुदाया खैर……..

    हर एक अदा मस्तानी है , यह अपने वक़्त की रानी है
    जो पहली बार सुनी मैंने , यह वो रंगीन कहानी है
    मौजों की तरह चलती है, शबनम से यह जलती है, कलियों से भी है बैर
    खुदाया खैर …..

    यह होंठ नहीं अफ़साने हैं अफ़साने क्या मैख़ाने हैं
    न जाने किस की किस्मत में यह प्यार भरे पैमाने हैं
    इन होंठों का मस्ताना , इन ज़ुल्फ़ों का दीवाना, बन जाये न कोई गैर
    खुदाया खैर……

    फूलों से मुखड़े वाली निकली है मतवाली
    गुलशन की करने सैर, खुदाया खैर
    कहीं फिसल न जाए पेर खुदाया खैर
    खुदाया खैर……

Yeh kali jab talak phool banke khile ......Aaye Din Bahar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : लता मंगेशकर, महेन्द्र कपूर

    गीत

    लता मंगेशकर : ये कली जब तलक फूल बन के खिले,
    इन्तज़ार, इन्तज़ार, इन्तज़ार करो, इन्तज़ार करो
    महेन्द्र कपूर : इन्तज़ार वो भला क्या करे, तुम जिसे
    बेकरार, बेकरार, बेकरार करो,
    लता मंगेशकर : इन्तज़ार करो

    महेन्द्र कपूर : प्यार में प्यार की भी इज़ाज़त नहीं -२
    बेरुखी है अजी ये मुहौब्बत नहीं
    लता मंगेशकर : आ रहा है मज़ा, तुम शिकायत यही,
    बार बार, बार बार, बार बार करो, इन्तज़ार करो

    लता मंगेशकर : हुस्न पे तो असर होने वाला नहीं -२
    इश्क़ तुम को ना कर दे दीवाना कहीं
    महेन्द्र कपूर : है ये दीवानगी भी क़ुबूल, तुम अगर
    हमसे प्यार, हमसे प्यार, हमसे प्यार करो,
    लता मंगेशकर : इन्तज़ार करो

    महेन्द्र कपूर : रोज़ हमने बयान ये फ़साना किया -२
    रोज़ तुमने नया एक बहाना किया
    लता मंगेशकर : ये बहाना मगर, आखिरी है सनम
    ऐतबार, ऐतबार, ऐतबार करो, इन्तज़ार करो

Mere dushman tu meri dosti ko tarse.....Aaye din Bahar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : : मोहम्मद रफ़ी

    गीत

    मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
    मुझे ग़म देने वाले तू खुशी को तरसे

    तू फूल बने पतझड़ का, तुझ पे बहार न आए कभी
    मेरी ही तरह तू तड़पे तुझको क़रार न आए कभी
    जिये तू इस तरह की ज़िंदगी को तरसे

    इतना तो असर कर जाएं मेरी वफ़ाएं ओ बेवफ़ा
    जब तुझे याद आएं अपनी जफ़ाएं ओ बेवफ़ा
    पशेमान होके रोए, तू हंसी को तरसे

    तेरे गुलशन से ज़्यादा वीरान कोई वीराना न हो
    इस दुनिया में तेरा जो अपना तो क्या, बेगाना न हो
    किसी का प्यार क्या तू बेरुख़ी को तरसे

Khat likh de sanwariya ke naa babu.......Aaye Din Bahar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : आशा भोसले

    गीत

    अब के बरस भी बीत न जाये
    ये सावन की रातें
    देख ले मेरी ये बेचैनी
    और लिख दे दो बातें .......

    खत लिख दे सांवरिया के नाम बाबू
    कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
    वो मान जाएंगे, पहचान जाएंगे
    कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
    खत लिख दे ...

    सारे वादे निकले झूठे
    सामने हो तो कोई उनसे रूठे
    ले गई बैरन शहर पिया को
    राम करे कि ऐसी नौकरी छूटे
    उन्हें जिसने बनाया गुलाम बाबू
    कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
    वो जान जाएंगे, पहचान जाएंगे
    कैसे होती है सुबह से शाम बाबू

    जब आएंगे सजना मेरे
    खन खन खनकेंगे कँगना मेरे
    पास गली में घर है मेरा
    उस दिन तू भी आना अँगना मेरे
    कुछ तुझको मैं दूँगी ईनाम बाबू
    कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
    वो जान जाएंगे, पहचान जाएंगे
    कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
    खत लिख दे ...

    और बहुत कुछ है लिखवाना
    कैसे बता दूँ तुझे तू बेगाना
    शर्म से आँखें झुक जाएंगी
    धड़क उठेगा मोरा दिल दीवाना
    बस आगे नहीं तेरा काम बाबू
    कोरे कागज़ पे लिख दे सलाम बाबू
    वो मान जाएंगे, पहचान जाएंगे
    कैसे होती है सुबह से शाम बाबू
    खत लिख दे ...

Suno sajna papeehe na kaha sab se pukar.....Aaye Din Bahar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : लता मंगेशकर

    गीत

    सुनो सजना पपीहे ने कहा सब से पुकार के
    हसंभल जाओ चमनवालो के आये दिन बहार के

    फूलों की डालियाँ भी यही गीत गा रही हैं
    घड़ीयां पिया मिलन की नज़दीक आ रही हैं
    हवाओं ने जो छेड़े हैं, फसाने हैं वो प्यार के

    देखो ना ऐसे देखो, मर्ज़ी है क्या तुम्हारी
    बेचैन कर ना देना, तुमको कसम हमारी
    हम ही दुश्मन ना बन जाये, कहीं अपने करार के

    बागों में पड़ गये हैं, सावन के मस्त झूले
    ऐसा समा जो देखा, राही भी राह भूले
    के जी चाहा यहीं रख दे, उमर सारी गुजर के

Ae kaash kisi deewane ko humse bhi mohabbat.... Aaye Din Bahaar Ke (1966)

    फिल्म : आये दिन बहार के (1966)


    संगीतकार : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
    गीतकार : आनंद बक्षी
    गायक : लता मंगेशकर, आशा भोसले

    गीत

    आशा भोसले : ऐ काश किसी दीवाने को हम से भी मोहब्बत हो जाये
    हम लूट जाये, दिल खो जाये, बस आज कयामत हो जाये
    लता मंगेशकर : है वक्त अभी तोबा कर लो, अल्लाह मुसीबत हो जाये

    लता मंगेशकर : तुम को मालूम नहीं शायद कितने बेदर्द सनम होंगे
    आशा भोसले : ये आपने सच फरमाया हैं, उल्फ़त में लाख सितम होंगे
    हैं लाख सितम मंजूर हमें, बस एक इनायत हो जाये

    आशा भोसले : हर एक साँस को, हर एक धड़कन को वो अपनी याद बना डाले
    लता मंगेशकर : तुम आज अगर एक नगमा हो, तुम को फ़रियाद बना डाले
    गैरों से तो हो शिकवे तुम को, खुद से भी शिकायत हो जाये

    लता मंगेशकर : हर एक खता इस दुनिया की इस एक खता से बेहतर है
    आशा भोसले : ये प्यार नहीं एक दर्द सही, ये दर्द दवां से बेहतर है
    बस चैन हमें आ जाये जो बेचैन तबियत हो जाये

Dekho mera dil machal gaya .....Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : शैलेंद्र
    गायक : शारदा

    गीत

    देखो मेरा दिल मचल गया
    उन्हें देखा और बदल गया
    मचल गया दिल मेरा
    देखो मेरा दिल मचल गया
    उन्हें देखा और बदल गया
    मचल गया दिल मेरा
    देखो मेरा दिल मचल गया

    चाहत का रोग लगके
    आँखों में उनको बसके
    चाहत का रोग लगके
    आँखों में उनको बसके
    दिल की ये आग लगा के
    पछताऊ मै पछताऊ मै
    देखो मेरा दिल मचल गया
    उन्हें देखा और बदल गया
    मचल गया दिल मेरा
    देखो मेरा दिल मचल गया

    जीना है मुश्किल उन बिन
    बिगड़े है हालात गिन गिन
    जीना है मुश्किल उन बिन
    बिगड़े है हालात गिन गिन
    बिरहा की अगन में पल चिन
    जलती रहे जलती रहे
    देखो मेरा दिल मचल गया
    उन्हें देखा और बदल गया
    मचल गया दिल मेरा
    देखो मेरा दिल मचल गया
    उन्हें देखा और बदल गया
    मचल गया दिल मेरा
    देखो मेरा दिल मचल गया

Titli udi ud jo chali ......Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : शैलेंद्र
    गायक : शारदा

    गीत

    तितली उडी उड़ जो चलीं
    फूल ने कहा आजा मेरे पास
    तितली कहे मैं चली आकाश
    तितली उडी उड़ जो चली
    फूल ने कहा आजा मेरे पास
    तितली कहे मैं चली आकाश
    खिलें हैं गगन में
    तारो के जो फूल वहीँ
    मेरी मंज़िल कैसे जाऊं भूल
    जहाँ नहीं बंधन
    न कोई रिवाज़ जाना है
    वह मुझे बादलों के पार

    तितली उडी उड़ जो चली
    फूल ने कहा आजा मेरे पास
    तितली कहे मैं चली आकाश
    फूल ने कहा तेरा
    जाना है बेकार कौन है
    वहां जो करे तेरा इंतज़ार
    बोली तितली दो पंख पसार
    वहाँ पे मिलेगा मेरा राजकुमार

    तितली उडी उड़ जो चली
    फूल ने कहा आजा मेरे पास
    तितली कहे मैं चली आकाश
    तितली ने पूरी जैब कर ली उड़ान
    नयी दुनिया में हुयी नयी पहचान'
    मिला उसे सपनो क्क राजकुमार
    तितली को मिल गया मैं चाहे प्यार

    तितली उडी उड़ जो चली
    फूल ने कहा आजा मेरे पास
    तितली कहे मैं चली आकाशं
    तितली उडी उड़ जो चली
    फूल ने कहा आजा मेरे पास
    तितली कहे मैं चली आकाश.

Kaise samjhaun badi na samajh ho......Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी , आशा भोसले

    गीत

    रफ़ी : कैसे समझाऊँ बड़ी नासमझ हो -2
    हमसे न जीतोगी तुम रहने दो ये बाज़ी
    मकैसे समझाऊँ ........

    आशा : कैसे समझाऊँ बड़े नासमझ हो -२
    आए-गए तुम जैसे सैकड़ों अनाड़ी
    कैसे समझाऊँ ..

    रफ़ी : हम दिल का साज़ बजाते हैं दुनिया के होश उड़ाते हैं
    हम सात सुरों के सागर हैं हर महफ़िल में लहराते हैं -2
    कैसे समझाऊँ ...

    आशा : तुम साज़ बजाना क्या जानो तुम रंग जमाना क्या जानो -२
    महफ़िल तो हमारे दम से है तुम होश उड़ाना क्या जानो -२
    कैसे समझाऊँ ...

    रफ़ी : मैं नाचूँ चाँद-सितारों पर शोलों पर शरारों पर
    हम ऐसी कला के दीवाने छा जाएँ नशीली बहारों पर
    कैसे समझाऊँ ...

Itna hai tum se pyar mere raazdaar ......Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी , सुमन कल्याणपुर

    गीत

    रफ़ी : इतना है तुमसे प्यार मुझे मेरे राज़दार
    जितने के आस्मान पर तारे हैं बेशुमार

    सुमन : इत्नना है तुमसे प्यार मुझे मेरे राज़दार
    जितने के इस ज़मीन पर ज़र्रे हैं बेशुमार

    रफ़ी : तेरे सिवा किसी को न लाया निगाह में
    लाखों हसीन आये जवानी कि राह में
    सदियों से कर रहा था तुम्हारा हि इंतज़ार
    इतना है तुमसे ...

    सुमन : मैं ने भी तेरे वास्ते कितने जनम लिये
    तब दिल के रास्तों पे जले प्यार के दिये
    एक दिन ज़रूर पाउंगी इतना था ऐतबार
    इतना है तुमसे ...

    रफ़ी :बेख़ुद बना दिया मुझे तेरे सलाम ने
    जन्नत अगर मिले तो न लूं तेरे सामने
    ये प्यार वो नशा है के जिसका नहीं उतार
    इतना है तुमसे ...

Ek baar aata hai din aisa roz nahin.....Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी , आशा भोसले

    गीत

    रफ़ी : एक बार आती है रुत ऐसी रोज़ नहीं
    के मुझको सम्भालो कोई मुझको होश नहीं

    आशा : एक बार आती है रुत ऐसी रोज़ नहीं
    वो दिल कोई दिल नहीं है जिसमें जोश नहीं

    रफ़ी : ये तेरी नैन रेखा रेखा में ख़ुद को देखा
    न पूछ दिल की हालत है दौर ये ख़ुशी का -२
    ओ झूम-झूम गाता है दिल ऐसा रोज़ नहीं
    के मुझको सम्भालो ...

    आशा : दिल मेरा डोले ये खाए हिचकोले
    मैं हाय-हाय करूँ ये भेद सारा खोले -२
    हो नैनन बान चलाती है रुत ऐसी रोज़ नहीं
    वो दिल कोई दिल ...

    रफ़ी : हो ये दिल डगमगाए नज़र लड़खड़ाए
    मैं गिर-गिर जाऊँ जब सामने तू आए -२
    के मुझको सम्भालो , मुझको होश नहीं

    आशा : हो प्यार भरी सैंया तू डाल गले बहियाँ
    डाल दूँगी तुझ पर मैं पलकों की छैंया
    हो दिल से दिल मिलाती है रुत ऐसी रोज़ नहीं
    वो दिल कोई दिल ...

    रफ़ी, आशा : एक बार आता है दिन ऐसा रोज़ नहीं
    के मुझको सम्भालो कोई मुझको होश नहीं

Chehre pe giri zulfein keh do to hata doon main.....Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी

    गीत

    चेहरे पे गिरी ज़ुल्फ़ें कह दो तो हटा दूँ मैं
    गुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़
    इक फूल तेरे जूड़े में कह दो तो लगा दूँ मैं
    गुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़

    ये रूप, हसीं धूप, बहुत खूब है लेकिन
    उल्फ़त के बिना फीका चेहरा तेरा रंगीन
    इक दीप मुहब्बत का, कह दो तो जला दूँ मैं
    गुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़
    चेहरे पे गिरी ज़ुल्फ़ें ...

    इक आग, लगी है, मेरे ज़ख्म-ए-जिगर में
    ये कैसा करिश्मा है तेरी शोख नज़र में
    जो बात रुकी लब पर, कह दो तो बता दूँ मैं
    मगुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़
    चेहरे पे गिरी ज़ुल्फ़ें ...

    सरकार, हुआ प्यार, ख़ता हमसे हुई है
    अब दिल में तुम ही तुम हो, ये जाँ भी तेरी है
    अब चीर के इस दिल को कह दो तो दिखा दूँ मैं
    मगुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़
    चेहरे पे गिरी ज़ुल्फ़ें ...

Baharon phool barsao mera mehboob aaya hai.......Suraj (1966)

    फिल्म : सूरज (1966)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफ़ी

    गीत

    बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है
    हवाओं रागिनी गाओ, मेरा महबूब आया है
    मेरा महबूब आया है

    ओ लाली फूल की मेंहँदी लगा इन गोरे हाथों में
    उतर आ ऐ घटा काजल, लगा इन प्यारी आँखों में
    सितारों माँग भर जाओ
    मेरा महबूब आया है - (2)

    नज़ारों हर तरफ़ अब तान दो इक नूर की चादर
    बडा शर्मीला दिलबर है, चला जाये न शरमा कर
    ज़रा तुम दिल को बहलाओ
    मेरा महबूब आया है - (2)

    सजाई है जवाँ कलियों ने अब ये सेज उल्फ़त की
    इन्हें मालूम था आएगी इक दिन ऋतु मुहब्बत की
    फ़िज़ाओं रंग बिखराओ
    मेरा महबूब आया है - (2)
    बहारों ...

Aye phoon ki raani baharon ki malika.......Arzoo (1965)

    फिल्म : आरज़ू (1965)


    संगीतकार : शंकर जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मोहम्मद रफी

    गीत

    ऐ फूलों की रानी बहारों की मलिका
    तेरा मुस्कुराना गज़ब हो गया
    न दिल होश में है न हम होश में हैं
    नज़र का मिलाना गज़ब हो गया

    तेरे होंठ क्या हैं गुलाबी कंवल हैं
    ये दो पत्तियां प्यार की इक गज़ल हैं
    वो नाज़ुक लबों से मुहब्बत की बातें
    हमीं को सुनाना गज़ब हो गया

    कभी खुल के मिलना कभी खुद झिझकना
    कभी रास्तों पे बहकना मचलना
    ये पलकों की चिलमन उठाकर गिराना
    गिराकर उठाना गज़ब हो गया

    फ़िज़ाओं में ठंडक घटा भर जवानी
    तेरे गेसुओं की बड़ी मेहरबानी
    हर इक पेंच में सैकड़ों मैकदे हैं
    तेरा लड़खड़ाना गज़ब हो गया

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