Jab ishq kahin ho jaata hai ........Aarzoo (1965)

    फिल्म : आरजू-(1965)


    संगीतकार : शंकर - जयकिशन
    गीतकार : हसरत जयपुरी
    गायक : मुबारक बेगम, आशा भोसले

    गीत

    आशा, मुबारक : आदाब अर्ज़ है
    तस्लीम
    जब इश्क़ कहीं हो जाता है
    तब ऐसी हालत होती है
    ऐसे में दिल घबराता है,
    तन्हाई की हाजत होती है

    आशा भोसले : यह इश्क़ छुपाये छुप न सका
    यह इश्क़ मचलता जादू है
    कुछ होश नहीं रहते क़ायम
    इस इश्क़ पर किसका काबू है
    मुबारक बेगम : हे इश्क़ में पेशो ख़म इतने
    गोया मेहबूब का गेसू है
    हर जानिब फैलती जाती है,
    इस इश्क़ की ऐसी खुशबू है
    आशा, मुबारक : चेहरे से अयान हो जाती है
    क्या चीज़ मोहब्बत होती है
    ऐसे में दिल घबराता है......
    आशा भोसले : आँखों में है लाखो अफ़साने
    खामोश है लब वो मंज़िल है
    मुबारक बेगम : हर सांस में लाखों तूफ़ान हैं
    तूफ़ान में दिल का साहिल है
    आशा भोसले : अरमान मचलते रहते हैं
    यह दर्द बड़ा ही क़ातिल है
    मुबारक बेगम : रोके से क़यामत रुक जाए,
    पर रोकना दिल का मुश्किल
    आशा, मुबारक : दीदार की प्यासी आँखों को
    दीदार की हसरत होती है
    ऐसे में दिल घबराता है
    तन्हाई की हाजत होती है
    जब इश्क़ कहीं हो जाता है

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